विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी से सटे जंगलों की आग लगातार बढ़ती जा रही है। अब इसने विकराल रूप भी ले लिया है। चार दिन से यह आग धधक रही है और सभी इसकी वजह से चिंता में भी है। आग पर काबू पाने में वन विभाग भी नाकाम हुआ है। इस वजह से अब वायु सेना से मदद मांगी जा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी चमोली के माध्यम से आपदा प्रबंधन सचिव को पत्र भेजा गया है।
चमोली जिले में फूलों की घाटी रेंज अंतर्गत भ्यूंडार पुलना की पहाड़ियों में लगी आग चार दिन बाद भी बेकाबू बनी हुई है। दुर्गम और खड़ी चट्टानों वाले इलाके के कारण वन विभाग की टीमें अभी तक आग प्रभावित पहाड़ियों तक नहीं पहुंच पाई हैं।
रेंज अधिकारी चेतन कांडपाल ने बताया कि खड़ी पहाड़ी और चट्टानों के कारण लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे पैदल पहुंच बनाना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
बताया जा रहा है कि शाम के समय आज की तीव्रता कुछ काम हो जाती है लेकिन सुबह होते ही तापमान बढ़ने और तेज हवा की वजह से यह दोबारा भड़क उठती है। इससे आग पर नियंत्रण पर नहीं पाया जा रहा है। वन विभाग भी लगातार इसमें सफल हो रहा है।
डीएफओ एसके दुबे का कहना है कि गोविंद घाट के सामने भ्यूंडार पुलना की पहाड़ियों में लगी आग अब चारों दिशाओं में तेजी से फैल रही है। यह क्षेत्र अत्यंत दुर्गम है, जिससे आग बुझाने का कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन पैदल रास्तों की कठिनाई और सीमित संसाधनों के चलते अब तक सफलता नहीं मिल पाई है।
वन विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हवाई माध्यम से पानी और अग्निशमन उपकरणों की आपूर्ति आवश्यक है। इसी को देखते हुए सरकार से हेलीकॉप्टरों की मदद लेकर वायुसेना के सहयोग से आग बुझाने का अनुरोध किया गया है।
