15 दिन तक प्रदेश को उलझाने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए, अंकिता मामले पर सीएम धामी का बयान

देहरादून में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर माहौल गरमा गया है जिसको देखते हुए सरकार भी सक्रिय हो गई है। वीआईपी एंगल…

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देहरादून में एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर माहौल गरमा गया है जिसको देखते हुए सरकार भी सक्रिय हो गई है। वीआईपी एंगल को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और जनता की बढ़ती नाराज़गी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार देर रात अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान परिवार ने अपनी सभी चिंताएं और अपेक्षाएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।


गुरुवार सुबह सीएम धामी ने इस बातचीत को लेकर कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और बेटी को खोने का दर्द शब्दों में नहीं बताया जा सकता। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता ने जो बातें रखीं, सरकार उन सभी पर गम्भीरता से विचार कर रही है और जल्द निर्णय लिया जाएगा।


सीएम धामी के अनुसार जांच अपनी दिशा में चल रही है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश भी सामने आ चुके हैं और एसआईटी मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अब जो भी कानूनी कदम जरूरी होंगे, उन पर सरकार विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लेगी, ताकि परिवार की उम्मीदों को पूरा किया जा सके।


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में कुछ लोगों ने जानबूझकर गलतफहमियां फैलाकर प्रदेश में अनावश्यक तनाव पैदा किया। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय लोगों को गुमराह करने की कोशिश की।

सीएम ने कहा कि जिसने भी जनता के बीच भ्रम फैलाया है, उन्हें उत्तराखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए।


उन्होंने यह भी जोड़ा कि विवाद में आया ऑडियो सामने आने के बाद वे लोग खामोश हो गए हैं, जो पिछले दिनों इस मुद्दे को बड़ा बनाकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे। मुख्यमंत्री का कहना था कि लोगों को बहकाने वालों का असल चेहरा अब सबके सामने है और जनता सब कुछ समझती है।

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