जीरो शुगर ड्रिंक सच में सेहतमंद हैं या सिर्फ दिखावा, जानिए हार्ट स्पेशलिस्ट की चेतावनी

आजकल वजन कम करने वाले या डायबिटीज से दूर रहने की कोशिश करने वाले लोग अक्सर साधारण कोल्ड ड्रिंक छोड़कर डाइट या जीरो शुगर ड्रिंक…

Are zero-sugar drinks truly healthy or just a marketing gimmick? Find out what a heart specialist warns.

आजकल वजन कम करने वाले या डायबिटीज से दूर रहने की कोशिश करने वाले लोग अक्सर साधारण कोल्ड ड्रिंक छोड़कर डाइट या जीरो शुगर ड्रिंक पीना सही समझते हैं। हमें लगता है कि इसमें चीनी नहीं है, इसलिए शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा। लेकिन क्या यह भरोसा सही है? इसी बारे में हार्ट ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ और एडवांस हार्ट फेलियर के डॉक्टर दिमित्री यारनोव ने एक गंभीर चेतावनी दी है।


डॉ. दिमित्री ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा है कि फ्रिज में रखा जीरो शुगर का कैन अक्सर सबसे बड़ा भ्रम साबित होता है। उनकी राय में हमें लंबे समय से यह मानने पर मजबूर किया गया है कि अगर आप वजन को लेकर सजग हैं या ब्लड शुगर में बदलाव नहीं चाहते, तो डाइट सोडा एक अच्छा विकल्प है। लेकिन हालिया शोध इस धारणा को पूरी तरह गलत बताते हैं।

एक स्टडी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जो लोग नियमित रूप से डाइट या जीरो शुगर ड्रिंक्स पीते हैं, उनमें लिवर से जुड़ी बीमारी का खतरा ज्यादा पाया गया है। हैरानी की बात यह है कि यह जोखिम उन लोगों से भी अधिक देखा गया, जो चीनी वाली ड्रिंक्स पीते हैं। यानी असली चीनी कम नुकसान करती दिख रही है और आर्टिफिशियल स्वीटनर ज्यादा।

शोध में सामने आए आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। डाइट या जीरो शुगर ड्रिंक पीने वालों में मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज का खतरा लगभग 60 प्रतिशत बढ़ जाता है। वहीं, चीनी वाली ड्रिंक्स पीने वालों में यह खतरा करीब 50 प्रतिशत तक रहता है। दोनों ही विकल्प सेहत के लिए खराब हैं, लेकिन डाइट ड्रिंक की मार ज्यादा भारी है।

डॉ. दिमित्री समझाते हैं कि आर्टिफिशियल स्वीटनर शरीर की कई प्रक्रियाओं में गड़बड़ी पैदा कर देते हैं। ये मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ते हैं और यह तय करने वाली प्रक्रिया को भी प्रभावित करते हैं कि हमारा लिवर फैट को कैसे संभालेगा। इसका मतलब यह है कि नुकसान सिर्फ मीठे नाम पर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर होता है।

डॉ. यारनोव का कहना है कि जीरो शुगर का मतलब यह नहीं कि असर भी शून्य होगा। हमारा लिवर असली और नकली दोनों तरह की मिठास की पहचान कर लेता है और उसी आधार पर प्रतिक्रिया देता है। उनकी सलाह है कि पानी अब भी सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।

इसलिए अगली बार जब आप जीरो गिल्ट वाला डाइट सोडा लेने जाएं, तो याद रखें कि आर्टिफिशियल चीजें हमेशा सुरक्षित नहीं होतीं।

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