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CISCE ने जारी किया 2026 का एग्जाम शेड्यूल, बारहवीं की परीक्षा 12 फरवरी से और दसवीं की 17 फरवरी से होगी शुरू

भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद ने 2026 की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार परीक्षाएं पहले की…

भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद ने 2026 की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस बार परीक्षाएं पहले की तुलना में कुछ जल्दी शुरू होंगी। बारहवीं की परीक्षा 12 फरवरी से शुरू होगी जबकि दसवीं की परीक्षा 17 फरवरी से आरंभ होगी। इस साल करीब ढाई लाख छात्र दसवीं और डेढ़ लाख छात्र बारहवीं की परीक्षा में बैठेंगे।

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जारी टाइमटेबल के मुताबिक दसवीं में पचहत्तर से ज्यादा और बारहवीं में पचास से अधिक विषयों की परीक्षा होगी। छात्रों को मुख्य विषयों के बीच तैयारी के लिए पर्याप्त अंतराल दिया गया है ताकि उन्हें दोहराने में आसानी रहे। दसवीं की परीक्षा 17 फरवरी से 30 मार्च तक चलेगी और बारहवीं की परीक्षा 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।

परीक्षा के दिन छात्रों को तय समय से आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। हर पेपर से पहले उन्हें पंद्रह मिनट का समय मिलेगा ताकि वे प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ सकें और अपनी रणनीति बना सकें। परिषद ने छात्रों से अपील की है कि वे इस समय का सही उपयोग करें ताकि परीक्षा के दौरान बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

परिषद के सचिव डॉक्टर जोसेफ इमैनुएल ने कहा कि टाइमटेबल जारी होना सिर्फ एक तारीखों की घोषणा नहीं है बल्कि यह छात्रों के लिए ध्यान केंद्रित करने और लक्ष्य तय करने का पल है। उन्होंने बताया कि इस बार का कार्यक्रम छात्रों की सुविधा और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि वे बिना दबाव के अपनी पूरी क्षमता दिखा सकें।

CISCE की दसवीं और बारहवीं दोनों परीक्षाओं के नतीजे अप्रैल या मई में घोषित किए जाने की संभावना है। जनवरी में प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे जो पहले स्कूलों को मिलेंगे और बाद में छात्रों को दिए जाएंगे। छात्र अपने पंजीकरण नंबर के जरिए परिषद की वेबसाइट से भी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

बोर्ड ने कहा है कि यह परीक्षा कार्यक्रम उसकी इस प्रतिबद्धता को दिखाता है कि शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भलाई का भी पूरा ध्यान रखा जाए। कार्यक्रम इस तरह से तैयार किया गया है कि छात्र कम तनाव में अपनी तैयारी कर सकें और बेहतर नतीजे हासिल करें।