उत्तराखंड की धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर प्रहार जारी है। सरकार के बीते 3 वर्ष के कार्यकाल में सतर्कता विभाग 78 भ्रष्टाचारियों के साथ ही अन्य मामलों में 27 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
भ्रष्टाचारियों पर यह मुहिम अब सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी की थीम पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने इसका शुभारंभ कर दिया। अभियान 9 नवंबर तक चलाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को सत्य निष्ठा की शपथ भी दिलाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में इस जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का संकल्प लेती है।
राज्य गठन के बाद सतर्कता विभाग ने 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। वहीं बीते तीन वर्षों में सतर्कता विभाग ने 78 भ्रष्टाचारियों के साथ ही 27 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए और शासन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए टोल फ्री नंबर 1064 संचालित किया गया है। इसमें 62 शिकायतों पर तत्काल और चार शिकायतो में खुली जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो भी यह करेगा उसे सलाखों के पीछे जाना ही होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग इस जागरूकता अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करेंगे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि समाज और प्रशासन की मजबूती के लिए सभी कार्मिकों को अपने कार्यों में सत्यनिष्ठा, ईमानदार और अनुशासित होना आवश्यक है। कार्य के प्रति अनुशासन होने से भ्रष्टाचार स्वत: ही समाप्त हो जाता है।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल फैनई, निदेशक सतर्कता वी मुरुगेशन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
