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ऑनलाइन गेमिंग पर रोक का असर भारतीय क्रिकेट पर भारी, ड्रीम11 ने छोड़ा टीम इंडिया का साथ

संसद में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के पास होने के बाद से भारतीय खेल जगत पर इसका असर साफ नजर आने लगा है। लोकसभा और…

संसद में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के पास होने के बाद से भारतीय खेल जगत पर इसका असर साफ नजर आने लगा है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है जिसमें पैसे से खेले जाने वाले तमाम खेलों पर रोक लगा दी गई है और इसके साथ ही ई स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने का रास्ता खोल दिया गया है।

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इस नए कानून के असर की शुरुआत क्रिकेट से हो गई है। जानकारी सामने आई है कि बिल पास होने के कुछ ही दिन बाद फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम11 ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य प्रायोजक का पद छोड़ने का निर्णय ले लिया। अगर बीसीसीआई नौ सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप से पहले नया स्पांसर तय नहीं कर पाया तो टीम इंडिया को बिना किसी प्रमुख स्पांसर के ही मैदान में उतरना पड़ सकता है।

ड्रीम11 का करार खत्म होने से सिर्फ बोर्ड ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों को भी बड़ा झटका लगने वाला है। कई दिग्गज खिलाड़ी इन कंपनियों से जुड़े हुए थे। रोहित शर्मा जसप्रीत बुमराह केएल राहुल ऋषभ पंत और पंड्या ब्रदर्स ड्रीम11 से अनुबंधित थे। वहीं शुभमन गिल मोहम्मद सिराज यशस्वी जायसवाल ऋतुराज गायकवाड़ रिंकू सिंह और सौरव गांगुली माय11 सर्किल के साथ जुड़े रहे हैं। विराट कोहली ने एमपीएल का प्रचार किया था जबकि महेंद्र सिंह धोनी विनजो का चेहरा रहे हैं। अब इन सबकी कमाई पर असर पड़ना तय है।

खिलाड़ियों को मिलने वाले विज्ञापन शुल्क में भी बड़ा अंतर है। रिपोर्ट के मुताबिक विराट कोहली का करार करीब दस से बारह करोड़ रुपये सालाना का था। रोहित शर्मा और धोनी को छह से सात करोड़ रुपये तक मिलते थे। वहीं दूसरे खिलाड़ियों को औसतन एक करोड़ रुपये तक का भुगतान होता था। माना जा रहा है कि इस बिल की वजह से भारतीय क्रिकेटरों को हर साल करीब डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। वजह यह है कि अब किसी भी तरह के माध्यम पर पैसों से जुड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म का विज्ञापन या प्रचार पूरी तरह बैन हो गया है।

कुछ खिलाड़ियों के लिए यह झटका थोड़ा हल्का होगा लेकिन कईयों की कमाई पर सीधा असर होगा। उदाहरण के तौर पर मोहम्मद सिराज के पास तीन बड़े एंडोर्समेंट थे जिनमें से एक माय11 सर्किल था। इसका मतलब है कि उनकी कुल आय में करीब तिहाई की गिरावट आ सकती है। वाशिंगटन सुंदर की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बताई जा रही है।

सिर्फ खिलाड़ियों और भारतीय क्रिकेट बोर्ड ही नहीं बल्कि आईपीएल फ्रेंचाइजियों पर भी इस फैसले का असर दिखेगा। माय11 सर्किल बीसीसीआई का एक अहम सहयोगी प्रायोजक है जो हर साल करीब एक सौ पच्चीस करोड़ रुपये का योगदान करता है। इसके अलावा कोलकाता नाइट राइडर्स लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के पास भी गेमिंग कंपनियों से जुड़े स्पांसरशिप करार हैं।

इस तरह संसद से पारित हुआ यह बिल भारतीय क्रिकेट और खिलाड़ियों की जेब दोनों पर गहरा असर डालने वाला साबित हो रहा है।