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श्रद्धालुओं की मौत आपराधिक साजिश , वैष्णो देवी हादसे पर डिप्टी सीएम सुरेंद्र चौधरी ने श्राइन बोर्ड और एलजी मनोज सिन्हा को ठहराया जिम्मेदार

जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर सामने आई है जहां माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर मंगलवार दोपहर हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या…

जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर सामने आई है जहां माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर मंगलवार दोपहर हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पैंतीस हो गई है। कई श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं जबकि कई घायलों का अलग अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने इस हादसे के लिए सीधे माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया है।

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कटरा पहुंचे डिप्टी सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मौसम बिगड़ने की चेतावनी पहले से थी तो आखिर यात्रा क्यों जारी रखी गई। उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब श्राइन बोर्ड के सीईओ और जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल दोनों को देना होगा। सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि यह बहुत बड़ी त्रासदी है और हालात बेहद खराब हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से राहत पैकेज की मांग करते हुए कहा कि इस आपदा में लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है।

डिप्टी सीएम ने गुस्से में कहा कि श्राइन बोर्ड का अध्यक्ष खुद उपराज्यपाल है और अगर वह अलर्ट की अहमियत जानते थे तो यात्रा क्यों नहीं रोकी गई। उन्होंने कहा कि जिनकी गलती है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि यह हादसा लापरवाही ही नहीं बल्कि एक आपराधिक साजिश भी है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाएं और एफआईआर दर्ज हो।

इस हादसे के बीच होटल एसोसिएशन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। अध्यक्ष राकेश वज़ीर ने कहा कि कोई भी श्रद्धालु या जरूरतमंद अगर फंसा है तो उसे दो से चार दिन तक मुफ्त ठहरने की सुविधा दी जाएगी। अगर किसी होटल में जगह नहीं है तो कंट्रोल रूम के नंबर 9596002222 पर फोन करते ही दूसरे होटल में कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में श्रद्धालुओं को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और सभी को दर्शन कराए बिना कोई नहीं लौटेगा।

हादसे के बाद कटरा में स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। लोगों ने शालीमार्ग पार्क से मुख्य बस स्टैंड तक प्रदर्शन किया और श्राइन बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह लापरवाही का नतीजा है और इसके लिए वीवीआईपी कल्चर जिम्मेदार है जिसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए।

इधर जम्मू में बारिश ने तबाही मचा दी है। बीते चौबीस घंटे में तीन सौ अस्सी मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जिसने पिछले सौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 1910 में इतनी बारिश दर्ज की गई थी। शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और सेना को राहत बचाव में लगाया गया है। बारिश का असर पड़ोसी राज्य पंजाब के कई हिस्सों में भी देखने को मिला है जहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।