अल्मोड़ा में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना की 2 दिवसीय कार्यशाला शुरू

📍अल्मोड़ा, 3 मार्च 2025 विकास भवन सभागार में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप/ग्रामोत्थान)की दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। अध्यक्षता करते हुए मुख्य…

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📍अल्मोड़ा, 3 मार्च 2025

विकास भवन सभागार में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप/ग्रामोत्थान)की दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है।

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अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी गतिविधियों का चयन किया जाए, जिससे महिलाओं के विकास को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने सहकारिताओं को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जनपद की सहकारिताओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।


📌 परियोजना का उद्देश्य और क्रियान्वयन
परियोजना अधिकारी राजेश मठपाल ने बताया कि उत्तराखंड के सभी जनपदों में यह परियोजना संचालित की जा रही है। वर्तमान में यह परियोजना अल्मोड़ा जनपद के 11 विकासखंडों में चल रही है।एनआरएलएम के तहत गठित 18 एलसी/सीएलएफ को इस परियोजना में शामिल किया गया है।


💡 विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं—
🔹 पशुपालन** – गौपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन
🔹 पशु चिकित्सा – नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
🔹 कृषि – परंपरागत खेती, मशरूम उत्पादन, मसाले, मडुआ, सब्जी उत्पादन, बीज व जैविक खाद
🔹 सहकारी योजनाएं – सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंचाने की रणनीतियां
📌 ग्रामीण पलायन के कारणों पर चर्चा
कार्यशाला में कार्मिकों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर पलायन की प्रमुख वजहें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, जंगली जानवरों का खतरा, रोजगार के अवसरों की कमी और प्राकृतिक आपदाएं हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर सहकारी समितियों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया गया।


🌟 उपस्थित अधिकारी और प्रतिभागी
इस कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी एसके पंत, उप परियोजना निदेशक, जिला परियोजना प्रबंधक (रीप/ग्रामोत्थान), सहायक प्रबंधक (लेखा, मूल्यांकन व अनुश्रवण, संस्था एवं समावेशन, सेल्स व मार्केटिंग) सहित जिला मुख्यालय के अन्य कर्मचारी और लगभग 75 प्रतिभागी उपस्थित रहे।