उत्तराखंड में इस वजह से दोबारा तय होगी वाहनों की स्पीड लिमिट, 5 अगस्त को आयोजित होगी कार्यशाला

उत्तराखंड में सड़कों पर वाहनों की स्पीड लिमिट दोबारा तय करने की कवायद एक बार से तेज हो गई है। सड़क यातायात शिक्षा संस्थान फरीदाबाद…

उत्तराखंड में सड़कों पर वाहनों की स्पीड लिमिट दोबारा तय करने की कवायद एक बार से तेज हो गई है। सड़क यातायात शिक्षा संस्थान फरीदाबाद के विशेषज्ञ स्पीड लिमिट तय करने के तरीके बताएंगे।

जिसके लिए सोमवार को सहस्रधारा रोड स्थित परिवहन भवन में परिवहन, पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अफसरों की कार्यशाला होगी।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

बता दें कि उत्तराखंड में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, और बड़ी संख्या में लोग जान गंवा रहे हैं। अधिकतर हादसों की वजह ओवरस्पीड मानी जा रही है। सरकार बढ़ते हादसों को लेकर चिंतित है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवहन विभाग को सड़कों पर स्पीड लिमिट दोबारा तय करने के निर्देश दिए थे, जिस पर अफसरों ने काम करना शुरू कर दिया है।

जिसको लेकर 5 अगस्त को परिवहन भवन में कार्यशाला आयोजित होगी।
आरटीओ-एआरटीओ समेत पुलिस और पीडब्ल्यूडी के अफसरों को स्पीड लिमिट तय करने के तरीके बताएंगे। आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने बताया कि मुख्यालय में होने वाली इस कार्यशाला को लेकर आमंत्रण मिला है। इस दौरान स्पीड लिमिट को लेकर मंथन किया जाएगा।

अफसरों के अनुसार, उत्तराखंड में 70 फीसदी से ज्यादा सड़क हादसों की वजह ओवरस्पीड रही है। राज्यभर में कई सड़कों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा तय है। इसके बावजूद चालक तेज गति से वाहन चला रहे हैं।