Ayodhya Ramlala Holi 2024: कचनार के फूलों से बने हर्बल गुलाल से खेली जाएगी होली

Ayodhya Ramlala Holi 2024: अयोध्या में अभी-अभी नए मंदिर का निर्माण हुआ है और यह रामलला की पहली होली होगी। इस वजह से वहां पर…

Ayodhya Ramlala Holi 2024: अयोध्या में अभी-अभी नए मंदिर का निर्माण हुआ है और यह रामलला की पहली होली होगी। इस वजह से वहां पर कई सारी तैयारियां जोरों शोरों से की जा रही हैं। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में रामलला के लिए कचनार के फूलों से हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है और वह इसी गुलाल से होली खेलेंगे।

Ayodhya Ramlala Holi 2024: रामदरबार में खेली जाएगी होली

अयोध्या में नवनिर्मित रामलला का मंदिर हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां पर भी होली को लेकर कई सारी तैयारियां जोरों शोरों से शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बार रामलला कचनार के फूलों से बने गुलाल की होली खेलेंगे। आपको बता दे की कचनार के फूलों से हर्बल गुलाल बनाया जाता है जो कि वैज्ञानिकों की देखरेख में बनाया जाता है।

Ayodhya Ramlala Holi 2024: होगा भव्य समारोह का आयोजन

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आपको बता दे की अयोध्या के राम दरबार में होली का यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कहा जा रहा है कि यह कार्यक्रम रामलला के प्राण प्रतिष्ठा से भी ज्यादा भव्य होगा। इस बार राम दरबार में होली 495 साल बाद खेली जा रही है। मंदिर परिसर में होली के त्यौहार को लेकर अब खास तैयारी भी की जा रही हैं।

Ayodhya Ramlala Holi 2024: राम भक्तों को भी मिलेगा होली खेलने का अवसर

रामलला की होली इस बार काफी भव्य महल में होने जा रही है। यह होली 495 साल बाद राम दरबार में खेली जाएगी। इस दौरान राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि इस बार भक्तों को रामलला के साथ होली खेलने का अवसर दिया जाएगा।

Ayodhya Ramlala Holi 2024: नए वस्त्र धारण करेंगे रामलला

सत्येंद्र दास ने मंदिर में चल रही तैयारी को लेकर भी कई बातें बताईं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर रामलला नए वस्त्र धारण करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न पकवानों का भोग भी लगाया जाएगा। 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जा रहा है। इसके बाद अबीर गुलाल अर्पित कर होली का उत्सव मनाया जाएगा।

कचनार के फूलों से बनाया जाएगा गुलाल

मंदिर संस्थान ने बताया कि भगवान राम के लिए कचनार के फूलों से हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। कचनार को त्रेता युग में अयोध्या का राज्य वृक्ष भी माना जाता था और आयुर्वेद में भी इसका विशेष महत्व है। गोरखपुर मंदिर में चढ़ाए गए फूलों से हर्बल गुलाल तैयार किया गया है। इन हर्बल गुलाल का परीक्षण किया जा चुका है, जो कि मानव त्वचा के लिए सुरक्षित है।

इस फ्लेवर में बना है गुलाल

बता दें कि कचनार के फूलों से बने हर्बल गुलाल लैवेंडर फ्लेवर में बनाए गए हैं। जबकि गोरखनाथ मंदिर के चढ़ाए फूलों से हर्बल गुलाल चंदन फ्लेवर का बनाया गया है। बता दें कि इन गुलाल में लेड, क्रोमियम और निकल जैसे कैमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है।