Pithoragarh में काली नदी का जल स्तर पहुंचा चेतावनी के स्तर से ऊपर,जिले में 15 सड़कें है बंद

पिथौरागढ़। जनपद में बृहस्पतिवार दोपहर बाद से शाम तक कभी मध्यम तो कहीं हल्की बारिश होती रही। इसके चलते छोटी नदियां, नाले फिर उफन आए…

पिथौरागढ़। जनपद में बृहस्पतिवार दोपहर बाद से शाम तक कभी मध्यम तो कहीं हल्की बारिश होती रही। इसके चलते छोटी नदियां, नाले फिर उफन आए और बढ़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। काली नदी चेतावनी के स्तर से ऊपर बह रही है।

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इससे पहले दोपहर तक अनेक जगहों पर दो तीन बार हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं भूस्खलन से जनपद में दो दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं। बृहस्पतिवार की अपेक्षाकृत बुधवार को जनपद में काफी कम बारिश हुई, लेकिन धारचूला में छिरकिला बांध के जलाशय की सिल्ट सफाई के चलते गत बुधवार को छोड़े गए पानी के कारण धौलीगंगा तथा काली नदी के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी हुई।


बृहस्पतिवार की बारिश से इन नदियों के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होने लगी और नदी किनारे बसे गांव वाले तथा आवासीय भवन स्वामी डर और आशंका के साए में रहे। जिला प्रशासन इस संदर्भ में पहले ही चेतावनी जारी कर खतरे की जद में आ रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर चुका है।


जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार अपराह्न तीन बजे तक काली नदी का जलस्तर चेतावनी के स्तर से 30 एम ऊपर था। लगातार बारिश होने पर इसक और बढ़ने का खतरा है। इधर बारिश और भूस्खलन से जनपद में शाम तक 14 ग्रामीण संपर्क मार्ग और घट्टाबगड़ – लिपुलेख बार्डर रोड बंद थे।