उत्तराखंड में नई आउटसोर्स व्यवस्था का विरोध शुरू, उपनल, पीआरडी कर्मचारियों को स्थाई करने की उठी मांग

देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर जहां बेरोजगारी दर बढ़ी पर है वहीं दूसरी ओर ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग प्रथा से युवा नाखुश हैं। अब उत्तराखंड सरकार…

देहरादून। उत्तराखंड में एक ओर जहां बेरोजगारी दर बढ़ी पर है वहीं दूसरी ओर ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग प्रथा से युवा नाखुश हैं। अब उत्तराखंड सरकार का नया फरमान फिर से युवाओं को प्रभावित कर सकता है। दरअसल उत्तराखंड सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े रिक्त पदों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के तौर पर नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज कॉर्पोरेटेड (निक्स) से भर्तियों का आदेश जारी किया है।

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इस आदेश के बाद विद्युत उपनल कर्मचारी संगठन ने उत्तराखंड में उपनल और पीआरडी को छोड़कर नए आउटसोर्स सिस्टम का विरोध किया
है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कवि ने कहा कि पहले उपनल- पीआरडी जैसी आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से युवाओं का शोषण किया है और अब सरकार नई एजेंसी बनाकर शोषण की तैयारी कर रही है। मांग उठाई कि सरकार को उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को जल्द स्थाई पदों पर नियुक्ति देनी चाहिए क्योंकि स्थाई कर्मचारियों के अभाव में अब कई विभागों को उपनल कर्मचारी ही चला रहे हैं।