ट्रेन के कोच में गूंजी किलकारी, महिला ने दिया बालक को जन्म

भुवनेश्वर। उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में रेलवे कोच में एक महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया गया। महिला ने एक बालक को जन्म दिया। प्रसव के…

Whats App Image 2026 03 19 at 11 25 19 AM

4f3682d06327c1947bcea5dfc8f57af3

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

भुवनेश्वर। उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में रेलवे कोच में एक महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया गया। महिला ने एक बालक को जन्म दिया। प्रसव के बाद महिला और उसके बच्चे को भुवनेश्वर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

जानकारी के अनुसार हावड़ा से यशवंतपुर जा रही आयशा को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से पहले प्रसव पी​ड़ा हुई। सहयात्रियों ने इसकी सूचना रेलवे गार्ड को दी। जैसे ही ट्रेन   भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पहुंची तो स्टेशन पर उनकी मदद के लिये रेलवे द्वारा शुरू की गई मेरी सहेली टीम उनकी मदद के लिये मौजूद थी। उन्होनें महिला को पहले आइसोलेट किया और ट्रेन के कोच में ही महिला का सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया। 

लाइन हाजिर इंस्पेक्टर की विदाई में डांस करना पुलिसकर्मियों को पड़ा भारी, 15 सस्पेंड

प्रसव के बाद आयशा खातून और उसके नवजात बच्चे को भुवनेश्वर के कैपिटल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। आयशा अपनी सास के साथ हावड़ा से यशवंतपुर जा रही थी और ट्रेन में यात्रा के दौरान ही उसे प्रसव पीड़ा हुई। 

महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद रेलवे को इसकी सूचना दी गयी और रेलवे प्रशासन तत्परता दिखाते हुए ट्रेन के भुवनेश्वर पहुंचने से पहले ही मेरी सहेली टीम,रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम को अलर्ट किया। जैसे ही ट्रेन भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहा सब-इंस्पेक्टर सच्चा प्रधान, हवलदार आरती पांडा ,कांस्टेबल तुलसी साहू प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की मदद के लिये मौजूद थे। ट्रेन शाम शाम 4.44 बजे भुवनेश्वर रेलवे के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची और यह टीम आयशा की सहायता के लिए ट्रेन के कोच में पहुंच और फटाफट महिला को आइसोलेट करने के बाद सुरक्षित प्रसव कराया। शाम 4:55 बजे महिला ने एक बालक को जन्म दिया। 

चालक को बेहोश कर 3 लाख रूपये ले उड़ा परिचालक, अल्मोड़ा जिले का है मामला

क्या है मेरी सहेली सेवा 

महिला यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये ​पिछले वर्ष ही भारतीय रेलवे ने मेरी सहेली सेवा की शुरूवात की है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ की इस नई पहल से ट्रेन में यात्रा कर रही महिला यात्रियों,खासकर अकेले या​त्रा कर रही महिलाओं को काफी मदद मिली है। मेरी सहेली टीम में रेलवे स्टाफ की म​हिलाये ट्रेन यात्रा कर रही महिलाओं को मदद मुहैय्या करवाती है। खासकर मेरी सहेली टीम अकेले यात्रा रही महिलाओं को यात्रा के दौरान सावधानियों के बारे में सचेत भी करती है यदि कोच में कोई समस्या है तो इसके लिये एक हैल्पलाईन नंबर 182 भी जारी किया गया है।