व्यावसायिक कोर्स के संचालन के लिए एसएसजे विवि की पैनल टीम ने किया महाविद्यालय का निरीक्षण

गंगोलीहाट। राजकीय महाविद्यालय गणाई गंगोली (Government College Ganai Gangoli) में बहुत जल्द व्यावसायिक कोर्स ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर एप्लिकेशन’ (Certificate Course in Computer Application) शुरू…

Chat-GPT-Image-May-15-2026-07-48-08-PM

b43aacf10fa44f7ba26fa12a4363ee71

25

गंगोलीहाट। राजकीय महाविद्यालय गणाई गंगोली (Government College Ganai Gangoli) में बहुत जल्द व्यावसायिक कोर्स ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर एप्लिकेशन’ (Certificate Course in Computer Application) शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को सो​बन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा की पैनल टीम ने कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। 
 

महाविद्यालय में ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर एप्लिकेशन’ (Certificate Course in Computer Application) के संचालन को लेकर निरीक्षण में पहुंचे पैनल टीम के सदस्यों, एसएसजे परिसर की कम्प्यूटर विभाग की  डॉ. पारुल सक्सेना, विभागाध्यक्ष गणित विभाग एसएसजे परिसर प्रो. जया उप्रेती, प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग डॉ. सीडी सूठा व अधिशासी अभियंता बेरीनाग आदि ने कोर्स को लेकर आवश्यक जानकारियां ली। 
 

सरकार द्वारा पहाड़ के युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के क्रम में प्रारंभिक रूप से उत्तराखंड के 44 महाविद्यालयों में व्यवसायिक कोर्सों को प्रारंभ किया गया है। इन 44 महाविद्यालयों में राजकीय महाविद्यालय गणाई गंगोली भी सम्मिलित है। 
 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश (Principal Dr. Anand Prakash) ने कहा कि इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के  लिए यह कोर्स तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत लाभप्रद रहेगा। महाविद्यालय में यह कोर्स स्ववित्तपोषित व्यवस्था के तहत संचालित किया जाएगा। इस कोर्स में 12वीं पास विद्यार्थियों के द्वारा प्रवेश लिया जा सकता है। 
यह कोर्स एक सर्टिफिकेट कोर्स होगा जिसकी समाप्ति पर छात्र छात्राओं को इस कोर्स हेतु सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस कोर्स के द्वारा छात्र छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में कार्यालय दक्षता प्रदान की जाएगी। 

 

उन्होंने बताया कि सार्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर एप्लीकेशन में इसी सत्र से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इस कोर्स के द्वारा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले छात्र.छात्राओं का तकनीकी विकास होगा जोकि उनके बेहतर भविष्य निर्माण के लिए के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
 

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य समेत सभी प्राध्यापक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद थे।