रोडवेज की 400 बसें विभिन्न रूटों पर नहीं हो पाएगी संचालित, रजत जयंती पर दो दिन रहेगा प्रदेश में बसों का संकट

राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती पर मैदान एवं पर्वतीय मार्गों पर बसों का संकट रहेगा। रजत जयंती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम…

राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती पर मैदान एवं पर्वतीय मार्गों पर बसों का संकट रहेगा। रजत जयंती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम में कार्यकर्ता एवं आम आदमी बड़ी संख्या में मौजूद होंगे।

ऐसे में उत्तराखंड परिवहन निगम की 400 बेस सेवा में उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा 170 बसों को रिजर्व में भी रखा जाएगा। मंडल से बसों को उपलब्ध कराने को लेकर रोडवेज महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने आदेश जारी किए हैं।

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दरअसल, राज्य स्थापना दिवस एवं रजत जयंती पर आठ एवं नौ नवंबर को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में पर्वतीय एवं मैदानी रूटों पर बसों का संकट रहेगा।

प्रदेशभर से कार्यकर्ता एवं आमजन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में लाने ले जाने का काम रोडवेज की बसें करेंगी। रोडवेज के पास कुल बसो की संख्या 1385 है जिसमें 457 अनुबंधित बसें हैं। दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न रूटों पर 815 बसें संचालित की जाएगी।


सबसे ज्यादा बसें प्रतिदिन 400 दिल्ली रोड पर संचालित होती हैं जिनमें से देहरादून से दिल्ली रूट पर 100 बजे संचालित होती हैं लेकिन प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के बाद सभी मंडल को 7 नवंबर तक बसें उपलब्ध कराने के निर्देश महाप्रबंधक ने जारी किए हैं।

तकनीकी विभाग को बसों को उपलब्ध कराने से पहले तकनीकी खामियों का परीक्षण करने के लिए भी कहा गया है जिसे बसो का संचालन करने में चालक परिचालक को कोई परेशानी ना हो।


उत्तराखंड परिवहन निगम की देहरादून मंडल से सबसे ज्यादा 230 बसें रजत जयंती कार्यक्रम में उपलब्ध रहेगी। स्कूल, कालेज, सिटी बसें भी दो दिवसीय सेवा में रहेगी। ऐसे में शहर में सवारियों को अलग-अलग गंत्वय जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।


इन मंडल से बसों की मांग देहरादून मंडल – 230
काठगोदाम – 30
हल्द्वानी – 35
रुद्रपुर – 40
काशीपुर – 15
नैनीताल – 120
टनकपुर – 100