छत्तीसगढ़ के कुरूद विकासखंड के दहदहा गांव स्थित एक सरकारी माध्यमिक स्कूल में हुई यह घटना बेहद चिंताजनक है। यहां 35 छात्रों ने किसी धारदार वस्तु से अपनी कलाई काट ली। यह बात तब सामने आई जब अभिभावकों ने बच्चों के हाथ पर निशान देखे और स्कूल को इस बारे में बताया।
जांच में पता चला कि यह घटना 15 -20 दिन पहले की है अब घाव पूरी तरह भर चुका है लेकिन इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का ऐसा कदम उठाना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिला प्रशासन शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य की टीम सक्रिय हो गई है।
परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के कलाइयों पर कटे का निशान देखा तो तुरंत स्कूल को बताया। स्कूल ने जांच की तो 35 छात्रों ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने एक दूसरे को देखकर ऐसा किया। इस मामले की सूचना जिला प्रशासन को भी दी गई। तहसीलदार सूरज बंछोर ने बताया कि यह घटना काफी पुरानी है, लेकिन अब सामने आई है।
तहसीलदार सूरज बंछोर, शिक्षा अधिकारी और डॉक्टरों की टीम ने स्कूल का दौरा किया। बच्चों से बातचीत की गई। जांच में सामने आया कि छात्रों ने एक-दूसरे को देखकर यह कदम उठाया। घाव अब भर चुके हैं और बच्चे स्वस्थ हैं। डॉक्टरों को संदेह है कि नशे की लत या अन्य कारण भी हो सकते हैं।
इसके बाद सभी 35 छात्रों की काउंसलिंग भी कराई गई। बताया जा रहा है कि बच्चों को सही मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।माता-पिता और शिक्षकों से अपील की वह बच्चों पर कड़ी नजर रखें। प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि असली वजह सामने आए।
इतने सारे बच्चों का एक साथ ऐसा व्यवहार करना जांच का बड़ा विषय बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सामूहिक प्रभाव या किसी अन्य वजह से हुआ हो सकता है। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं। स्कूल और प्रशासन मिलकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे हैं। आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
