आज 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष (Financial Year 2026-27) का आगाज हो चुका है। नया वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही बैंकिंग, टैक्स, निवेश और पैसों के लेन-देन से जुड़े कई अहम नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब, मासिक बजट और वित्तीय योजनाओं पर पड़ने वाला है। आइए विस्तार से जानते हैं वो 5 बड़े नियम जो आज से देशभर में लागू हो गए हैं:
EPFO का नया नियम: ऑटोमेटिक PF ट्रांसफर
नौकरीपेशा लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। आज से जॉब बदलने पर आपको अपना प्रोविडेंट फंड (PF) बैलेंस ट्रांसफर करने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। ईपीएफओ (EPFO) के नए नियम के तहत, नौकरी बदलते ही आपका पुराना पीएफ बैलेंस अब अपने आप (Automatic) नई कंपनी के पीएफ खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।
क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड और लाउंज एक्सेस में बदलाव
1 अप्रैल से SBI कार्ड, ICICI और HDFC सहित कई प्रमुख बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड के नियमों में सख्ती कर दी है। विशेष रूप से क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स और एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस (Lounge Access) के नियमों में बदलाव किया गया है। अब लाउंज एक्सेस का मुफ्त लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को पिछली तिमाही में एक तय सीमा (Minimum Spend Criteria) तक खर्च करना अनिवार्य होगा।
NPS खाते की सुरक्षा हुई और कड़ी
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए आज से लॉगिन की प्रक्रिया बदल गई है। PFRDA ने साइबर फ्रॉड से बचने और खातों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (Two-Factor Authentication) अनिवार्य कर दिया है। अब CRA सिस्टम में लॉगिन करने के लिए पासवर्ड के साथ-साथ आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाला OTP भी डालना होगा।
SBI डेबिट कार्ड के बढ़े मेंटेनेंस चार्जेज
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोड़ों ग्राहकों को आज से झटका लगा है। बैंक ने 1 अप्रैल से अपने कुछ क्लासिक, सिल्वर, ग्लोबल और कॉन्टैक्टलेस डेबिट कार्ड्स (Debit Cards) की सालाना मेंटेनेंस फीस (Annual Maintenance Charges) में बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा इन चार्जेज पर 18% GST भी अलग से देना होगा।
FASTag केवाईसी (KYC) की सख्ती
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की गाइडलाइन के मुताबिक, जिन वाहन मालिकों ने 31 मार्च तक अपने फास्टैग (FASTag) की केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं की है, उनके फास्टैग आज से ब्लैकलिस्ट या डीएक्टिवेट किए जा रहे हैं। बिना केवाईसी वाले फास्टैग में बैलेंस होने के बावजूद वे टोल प्लाजा पर काम नहीं करेंगे, जिससे यात्रियों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

