Humanity and affection

uttarakhand: Attempt to bury alive newborn in the field

खटीमा, 11 नवंबर 2020
देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में एक बार फिर मानवता व ममता (Humanity and affection)
को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। कुछ अज्ञात लोगों द्वारा एक नवजात को खेत में जिंदा गाड़ दिया गया। खेत स्वामी की बच्चे पर नजर पड़ गई और बच्चे को बच्चा लिया गया

उत्तराखंड को ऋषि-मुनियों की पवित्र भूमि माना जाता है ऐसी शर्मनाक घटनाओं से न केवल यह पवित्र भूमि कलंकित हो रही बल्कि मानवता को भी शर्मशार कर रही है।

ताजा मामला उधमसिंह नगर जिले के खटीमा का है। चटिया फार्म इलाके में बुधवार यानि आज सुबह खेत स्वामी कुंडल सिंह अपने खेत में काम करने के लिए गए। इस दौरान खेत के एक कोने से उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। नजदीक पहुंचकर देखा तो एक नवजात शिशु को गर्दन तक खेत में गाड़ा हुआ था। बच्चा सांस ले रहा था। जिसे देख कुंडल सिंह दंग रह गए।

यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई।
ग्रामीणों ने खेत में गड़े बच्चे को बाहर निकाला और उसे पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है।

इस अमानवीय घटना से क्षेत्रीय लोगों में भयंकर आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन व पुलिस से आरोपियों का शीघ्र पता लगाने व उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

बताते चले कि प्रदेश के अलग—अलग इलाकों से इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। इस तरह के अमानवीय कृत्य करने वाले लोग ना सिर्फ मां और बच्चे के पवित्र रिश्ते को बदनाम कर रहे है बल्कि, मां की ममता को भी कलंकित कर रहे हैं।