एसएसबी गुरिल्लों

SSB guerrillas protest for 11 years

अल्मोड़ा, 26 अक्टूबर 2020
जिला मुख्यालय मे नौकरी पेंशन एवं अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर एसएसबी गुरिल्लों के धरने को 11 वर्ष पूरे होने पर गुरिल्लों ने गांधी पार्क मे धरना—प्रदर्शन किया।

केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आन्दोलन की इतने लम्बे समय से अनदेखी किये जाने के लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों सरकारों के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की गयी।
वक्ताओं ने कहा कि विगत 14 वर्षो के दौरान केन्द्र व राज्य सरकारों ने गुरिल्लों की मांगो के सम्बन्ध मे जहां अनेक बार आश्वासन दिए वही, राज्य सरकार द्वारा कई शासनादेश भी पारित किये गये। लेकिन आश्वासनों व शासनादेशों पर स्वयं सरकारों ने अमल नही किया।

वक्ताओं ने कहा कि कोरोना काल के चलते संगठन कोई बड़ा कार्यक्रम नही कर पाया इसलिये माह नवम्बर में पूरे राज्य तथा देश में जनसम्पर्क कर दिसम्बर माह में देश की राजधानी दिल्ली व राज्यो की राजधानी मे भी धरने—प्रदर्शन आयोजित किये जायेंगे।

वक्ताओं ने कहा कि पड़ोसी देश चीन बार—बार भारत की सीमाओं का अतिक्रमण कर रहा है, पकिस्तान सीमा से आंतकवादियो की घुसपैठ करा कर कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां करा रहा है। देश के भीतर अन्य स्थानों पर भी आतंकी गतिविधि का खतरा लगातार बना रहता है। नेपाल और बांग्लादेश जैसे मित्र देश भी चीन की सह पर जहां आँखे तरेर रहे है वही म्यांमार सीमा से भी घुसपैठ जारी है।

एसएसबी गुरिल्ले जिन्हें विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में आम आदमी के रूप मे छिपकर रहते हुए खुफिया जानकारी एकत्र करने छदम् युद्ध से किसी भी दुश्मन को नेस्तनाबूद करने का प्रशिक्षण प्राप्त है, ऐसे समय मे उनका उपयोग सीमाओं पर किया जाना जहां सीमा की सुरक्षा के लिए आवश्यक है वहीं, सीमावर्ती क्षेत्रो के लोगों को उन्ही के क्षेत्रो मे रोजगार देने का भी एक अवसर है। जिससे पलायन के कारण जनशून्य होती जा रही सीमाओ पर सुरक्षा की समस्याओ का समाधान हो सके।

धरना—प्रदर्शन में केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रहमानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, अर्जुन सिंह नैनवाल, गंगा सिंह बनौला, खड़क सिंह पिलख्वाल, गिरीश जोशी, अमर राम, दीवान राम, किशन राम, नन्द राम, प्रेमबल्लभ काण्डपाल, गोविन्दबल्लभ काण्डपाल, बिशन सिंह नेगी, विजय जोशी, बसन्त लाल, पनी राम, संजय बगडवाल, आनन्दी महरा, ममता मेहता, दीपा परगाई, रेखा बगडवाल, इंद्रा तिवारी, सरोजनी देवी, जानकी देवी, बीना महरा, शांति देवी समेत कई लोग मौजूद थे।