जागेश्वर मंदिर
जागेश्वर मंदिर

Physical prayer begins after 7 months in world famous Jageshwar temple

अल्मोड़ा, 26 अक्टूबर 2020
विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर में फिर से भौतिक पूजाएं संपन्न हो सकेंगी। प्रशासन द्वारा ट्रायल के बाद इसकी अनुमति दे दी गई है। ऋद्धालुओं को पूजा पाठ संपन्न करने के दौरान केंद्र व राज्य सरकार और जिला प्रशासन व मंदिर प्रबंधन स​मिति के दिशा—निर्देशों को पालन करना अनिवार्य होगा।

गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते 17 मार्च से जागेश्वर मंदिर में भौतिक रूप से पूजा पाठ के कार्य को प्रति​बंधित कर दिया गया था। जिसके बाद ऋद्धालुओं के लिए मंदिर में आनलाइन पूजा की व्यवस्था की गई।

प्रबन्धक, जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति भगवान भट्ट ने बताया कि जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से प्राप्त अनुमति के आधार पर जागेश्वर मन्दिर समूह में 24 अक्टूबर 2020 से भौतिक पूजाऐं सीमित संख्या में शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि भौतिक आधार पर पूजाओं को पूर्व में चयनित स्थलों (रूदाभिषेक हेतु केदार मन्दिर के पास, पार्थिव पूजा व अन्य पूजाओं हेतु जागेश्वर भोग शाला व हवन कुण्ड के पास) पर ही सम्पादित की जायेगी।

भौतिक पूजाओं के दौरान केन्द्र व राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन एवं जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति द्वारा कोराना संक्रमण से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देश व नियमावली का पूर्ण पालन किया जाना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि भौतिक पूजाओं हेतु चयनित स्थल का आवंटन पूर्व में बुकिंग के पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जायेगा। बुकिंग हेतु सम्बन्धित पूजा की रसीद कटवानी आवश्यक होगी, केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को स्थल आवंटित किया जायेगा जिसके द्वारा पूर्व में पूजा रसीद कटवायी होगी।

जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति के प्रबंधक भट्ट ने बताया कि पूजा हेतु श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या पूर्व में तय मानक (एक परिवार/पूजा में अधिकतम 4 सदस्य) के आधार पर होगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक दिन में अधिकतम 10 पूजा संपन्न कराई जाएंगी। किसी भी स्थिति में सदस्यों की संख्या बढ़ायी नही जाएगी, यदि किसी भी पुजारी द्वारा तय सीमा से अधिक श्रद्धालुओं को एक साथ बैठाकर पूजा करायी जाती है तो सम्बन्धित पुजारी के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

भट्ट ने बताया कि पूजा का सम्पादन केवल एक पुजारी द्वारा ही किया जायेगा किसी भी स्थिति में सहायक पुजारी की अनुमति नहीं होगी। पूजा के दौरान केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अन्र्तगत पुजारी द्वारा टीका लगाना, कलावा बाॅधना या जल का छिड़काव पूर्णरूप से प्रतिबन्धित होगा, पूजा हेतु आवश्यक सम्पूर्ण कार्य स्वयं श्रद्धालु द्वारा किये जायेंगे, दर्शन व आनलाइन पूजा पूर्व की भाॅति गतिमान रहेगी।
उन्होंने बताया कि मन्दिर दर्शन हेतु पूर्व की भाॅति 10 मिनट का समय होगा तथा परिसर में अनावश्यक भ्रमण पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा।

10 से 3 बजे तक होगी पूजा
जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति के प्रबंधक भट्ट ने बताया कि दैनिक आधार पर पूजाओं का सम्पादन सुबह 10 बजे से दोपहर 3ः30 बजे तक (बुकिंग समय सुबह 10ः00 बजे से दोपहर 1ः30 बजे तक) ही होगा। पूजाओं की बुकिंग प्रबन्धक जागेश्वर मन्दिर समिति के फोन न0 9760677235 या सीधे अपने परिचित पुजारी के माध्यम से किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मन्दिर दर्शन व पूजाओं के दौरान सभी को आवश्यक रूप से मास्क पहनना, सामजिक दूरी का पालन व सैनेटाइजेशन कराना आवश्यक होगा। नियमों का उल्घंन होने पर सम्बन्धित के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।