अल्मोड़ा के मल्ला महल में परिसर स्थित राम शिला मंदिर

मल्ला महल में किये जा रहे कार्यो की जांच की मांग को लेकर लोग मुखर


अल्मोड़ा। नगर के मल्ला महल (वर्तमान कलैक्ट्रेट) में ​किये जा रहे संरक्षण कार्यो पर नगर के लोगों ने आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।


ज्ञापन में कहा गया है कि अल्मोड़ा जनपद की ऐतिहासिक,धार्मिक,सांस्कृतिक और पुरातत्विक धरोहर मल्ला महल और राम शिला मंदिर में किये जा रहे सरंक्षण कार्यो के बारे में स्थानीय विधायक,सांसद,जिला पंचायत अध्यक्ष और नगरपालिका अध्यक्ष को कोई जानकारी नही दी गई।

ज्ञापन में मांग की गई कि कलैक्ट्रेट के पाण्डेखोला में स्थानांतरित होने के बाद मल्ला महल परिसर को पुरातत्विक और ऐतिहासिक विरासत के रूप में संरक्षित किया जाना चाहिये। लेकिन मल्ला महल में चल रहे संरक्षण कार्य की जानकारी अल्मोड़ा के किसी भी व्यक्ति को नही दी गई। और मालूम हुआ है कि इस कार्य के लिये गठित समिति में किसी पुरातत्व, इतिहास विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि को नही रखा गया है। आरोप लगाया गया है कि यह अफसरशाही की मनमानी का एक प्रमाण है।


ज्ञापन में कहा गया है कि मल्ला महल परिसर में चल रही खुदाई को देखकर नगर के लोग क्षुब्ध क्योंकि ऐतिहासिक मंदिर और पुरातत्विक धरोहरमें बिना विशेषज्ञों की राय के खुदान कार्य किया जा रहा है। कहा है कि आनन फानन में अवैज्ञानिक ढंग से अनुभवहीन ठेकेदार द्वारा खुदाई और संरक्षण कार्य कराया जा रहा है। जिससे ऐसा लगता है कि उन्हे पुरातत्विक धरोहरों के संरक्षण का लेश मात्र भी अनुभव नही है।


ज्ञापन में कहा गया कि 30 अक्टूबर को नगर के कई संगठनों और जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने एक बैठक में मल्ला महल परिसर में चल रहे कार्य के प्रति गुस्सा और नाराजगी जताई थी। और लोगों का मानना है कि इस परिसर को भारतीय पुरातत्व विभाग को ट्रांसफर कर दिया जाना चाहिये। और यहां पर लोगों की भावनाओं के अनुरूप अतरंराष्टीय स्तर का पुरातत्विक, सांस्कृतिक संग्रहालय बनाने के साथ ही नगर की आवश्यकता को देखते हुए आडिटोरियम का निर्माण होना चाहिये।


ज्ञापन में कलैक्ट्रेट परिसर मल्ला महल में चल रहे अवैज्ञानिक और अकुशल हाथों से किेये जा रहे निर्माण कार्यो को तत्काल रोकने और किये गये कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी विशेषज्ञ से उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की गई है। साथ ही सरकारी तौर पर किये जा रहे उक्त संरक्षण व निर्माण के बारे में उपलब्ध धनराशि, मानचित्र और विशेषज्ञों के नाम सार्वजनिक ​किये जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में मांगों पर तत्काल कार्यवाही किये जाने और ऐसा ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

ज्ञापन में पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी,पालिका सभासद आशा रावत, हेम चंद तिवारी, सचिन आर्या,सोबन सिंह जीना परिसर के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बीडीएस नेगी,नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह, उपपा के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, उलोवा के महासचिव पूरन चन्द्र तेवाड़ी,दयाकृष्ण कांडपाल,जन अधिकार मंच के त्रिलोचन जोशी,हेम चन्द्र जोशी,लक्षित चौधरी,
एडवोकेट प्रफुल्ल पंत, हयात सिंह रावत, कृष्ण सिंह बिष्ट,चंद्रशेखर पाण्डे, मोहन चन्द्र
पाण्डे सहित 4 दर्जन से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैै।
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