Badrinath Dham
Badrinath Dham

Char Dham Yatra 2020: The doors of Badrinath shrine closed for the winter

जोशीमठ (चमोली), 19 नवंबर 2020
गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के बाद आज बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए चार धाम यात्रा का समापन भी हो गया। विधि विधान के साथ पूजा—अर्चना के बाद कपाट बंद कर दिए गए है।

समुद्रतल से 10276 फीट की ऊंचाई पर स्थित बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट गुरुवार दोपहर बाद 3.35 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंदी के अवसर पर सेना के मधुर बैंड की धुन ने श्रद्धालुओं के मन को मोह लिया। बैंड की धुन पर श्रद्धालु जमकर थिरके।

बताते चले ​कि इस यात्रा वर्ष अब तक धाम में एक लाख 38 हजार ऋद्धालुओं ने बदरीनाथ (Badrinath Dham) के दर्शन किए। हजारों ऋद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट बंद होने की प्रक्रिया दोपहर डेढ़ बजे से शुरू हुई। इसके बाद दोपहर 3:35 बजे मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद बंद कर दिए गए।
इधर, भविष्य बदरी धाम व द्वितीय केदार मध्यमेश्वर धाम के कपाट भी आज शीतकाल के लिए बंद हो गए।

शीतकाल में मान्यता है कि देव पूजा नारद जी करते हैं। बदरीनाथ (Badrinath Dham) मंदिर में शीतकाल में भी दिव्‍य अखंड ज्योति जली रहती है।
कपाट बंद होने के मौके पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोरोना काल के बीच चारधाम यात्रा के सफल संचालन पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।

शुक्रवार सुबह 9:30 बजे बदरीनाथ धाम से श्री उद्धव जी और कुबेर जी की डोली पांडुकेश्वर होते हुए नृसिंह मंदिर जोशीमठ में प्रस्थान करेगी। 21 नवंबर को डोली नृसिंह मंदिर जोशीमठ में विराजमान हो जाएगी।