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bharat me pahle se bimaar 5 mein se 1 mareej ki huwi maut: svaasthy mantralay

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2020
पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों की कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा मौत होने की संभावना है। पहली बार सरकार ने भारत में मृतकों और पहले से किसी बीमारी से जूझने वाले मरीजों की मौत के बीच संबंध दर्शाने वाले आंकड़े जारी किए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस से होने वाली 5 में से एक मौत उन मरीजों की हुई है, जो पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त थे। देश में अब तक कोरोना से हुई कुल मौतों में ऐसे मृतकों की संख्या 17.9 फीसदी है।
इससे ये पता चलता है कि स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में अगर कोई व्यक्ति पहले से ही उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय, यकृत या गुर्दे की बीमारी समेत किसी अन्य बीमारी से जूझ रहा है, तो उसकी कोरोना से मरने की संभावना 15 गुना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना से मरने वाले 88 फीसदी मरीजों की उम्र 45 साल से अधिक थी वहीं, कोरोना से मरने वाले मरीजों में 60 साल से अधिक उम्र वाले मरीजों की संख्या 53 फीसदी है। कोरोना से मरने वाले 70 फीसदी मरीज पुरुष हैं।
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में अब तक कोरोना से 1,10,586 मरीजों की मौत हो चुकी है।
हालांकि, इससे पहले दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने भी पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों की कोरोना से सबसे ज्यादा मौत होने की संभावना को रेखांकित किया था।

भारत की रिकवरी दर बढ़ी
भारत में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर बढ़कर 87.05% हो गई है। बीते 24 घंटों की बात करें तो देश में 74,632 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं। इसके साथ एक्टिव केस की दर घटकर 11.42% रह गई है। बीते 24 घंटों में एक्टिव केस की संख्या 11,853 घटी है।